अर्ज मेरी भी सुन लो मुरली वाले कन्हैया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अर्ज मेरी भी सुन लो,

मुरली वाले कन्हैया,

लगा दो पार अधम की,

भव सागर में है नैया,

अर्ज मेरी भी सुन लो....

भाव पूर्ण मन से,

सब समर्पण तुमको,

करुणा निधान करुणा,

करनी पड़ेगी तुमको,

जीवन का मेरे तुम पर,

है भार हे कन्हैया,

हूँ जैसा भी हूँ तुम्हारा,

करो स्वीकार हे कन्हैया,

अर्ज मेरी भी सुन लो.....

अच्छा हूँ या बुरा हूँ,

भगवन हूँ दास मैं तुम्हारा,

तुम्हारी शरण बिना,

अब कहाँ मेरा गुजारा,

तुम जगत पालक,

अधम जनों के उद्धारक,

ले लो सुध मेरी भी,

करो मेरा भी उद्धार कन्हैया,

अर्ज मेरी भी सुन लो,

अर्ज राजीव की भी सुन लो,

मुरली वाले कन्हैया,

लगा दो पार अधम की,

भव सागर में है नैया.....

©राजीव त्यागी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।