ये धाम बागेश्वर एक तीरथ

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

( चमत्कार दिखला रहे, चला रहे दरबार,

बने हैँ बजरंगी यहाँ, बागेश्वर सरकार। )

ये धाम बागेश्वर, एक तीरथ, धीरेंद्र गुरुवर जहां पुजारी,

सरकार बालाजी वीर हनुमत, करें चमत्कार रोज भारी....

दया रात दिन, जहां बरसती है धाम में, ऐसी देव हस्ती

वो हाल सारा हमें बताएं, सवाल क्या है वो जान जाय,

बिना ही पूछे लिखें वो पर्ची, बता रहे हैं दशा हमारी,

सरकार बालाजी वीर हनुमत, करें चमत्कार रोज भारी....

है धाम ये, जग में कुछ निराला, चलाएं जिसको बजरंगी बाला,

गढा यहां, गांव में जो आते, फिर इसकी महिमा भी दिल से गाते,

हुए करिश्मे यहां निरंजन, धीरेंद्र पाए हैं, सिद्धि प्यारी,

सरकार बालाजी वीर हनुमत, करें चमत्कार रोज भारी....

बाबा की ये समाधि, हरे जो बाधा हरे जो व्याधि,

यहां भजन कीर्तन भी होते, हनुमान जी तो मगन है होते,

धीरेंद्र जी के, हैं आप दादा, संयासी बाबा जय हो तुम्हारी,

सरकार बालाजी वीर हनुमत, करें चमत्कार रोज भारी....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।