मन की मिटेगी तृष्णा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मन की मिटेगी तृष्णा, भज ले तू गोपाल कृष्णा.....

वो ही घट के अंदर बैठा वो ही चहूँ और है,

वो ही पतझर वो ही सावन, साँझ वहीं वो भोर है,

वो ही कर्ता वो ही कर्म है ,कितना कमाल कृष्णा.....

तेरे सर पे सुख की छाया केवल वहीं कर सकता है,

तेरे मन के सूनेपन को केवल वहीं भर सकता है,

तुझको गिरने से पहले ही लेगा सम्भाल कृष्णा.....

गोबिंद माधव कृष्ण मुरारी चाहे कोई नाम लो,

बंसी वाला वो मनमोहन दामन उसका थाम लो,

शरणागत जो होते उनका रखता ख्याल कृष्णा......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।