मोहन तेरी बंसी तो यमुना की धारा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मोहन तेरी बंसी तो यमुना की धारा है,

हर धुन से तुमने तो लाखों को तारा है,

मोहन तेरी बंसी तो यमुना की धारा है.....

सुनते है की तुम मोहन, निर्धन की भी सुनते हो,

तेरा मित्र सुदामा था, उसको भी संवारा है,

मोहन तेरी बंसी तो यमुना की धारा है.....

हर ओर ये चर्चा है, दुर्जन की भी सुनते है,

तेरा कंस जो मामा था, उसको भी उबारा है,

मोहन तेरी बंसी तो यमुना की धारा है.....

दिल से जो तुझे चाहे, तक़दीर बदलते हो,

तेरी भक्त जो मीरा थी, उसको भी स्वीकारा है,

मोहन तेरी बंसी तो यमुना की धारा है.....

मैं भी तेरा सेवक हूँ, मेरा भी उद्धार करो,

मेरी जीवन नैया का, तू ही एक सहारा है,

मोहन तेरी बंसी तो यमुना की धारा है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।