झोली भर दयो जी सांवरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

झोली भर दयो जी सांवरिया थारे क्या को घाटों जी

झोली भर दयो जी...............

तीन लोक की साडी पूंजी, बाबा थारे हाथा में,

जगत सेठ कहलावो जग में, कुछ तो बांटो जी

झोली भर दयो जी...............

में तो हु छोटो सो बन्दों,नाम काम भी छोटो जी

धीरे धीरे गाड़ी चालें, दुखडा छांटो जी

झोली भर दयो जी...............

मस्ती में हो गुजर सांवरा,सरपट गाड़ी दौड़े जी

लाचारी मेरो जिव दुखावे,संकट काटो जी

झोली भर दयो जी...............

संतोसी में जिव सांवरा, बार बार ना ख्यारुजी

नंदू जच के दे दो बाबा,प्यादो नाको जी

झोली भर दयो जी...............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।