जन्माष्टमी का दिन लागे बड़ा प्यारा

अनुराधा पौडवाल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जन्माष्टमी का दिन,

लागे बड़ा प्यारा,

सोने के पलने में,

रेशम की डोरी बांधे,

झूला झुलाए बृजबाला,

जनमाष्टमी का दिन,

लागे बड़ा प्यारा.....

मथुरा में कान्हा जन्म लियो है,

जग हित को अवतार लियो है,

सोलह कला सम्पूर्ण कन्हाई,

ऐसा दूजा देव है नाही,

लड्डू गोपाल लागे प्यारा,

जनमाष्टमी का दिन,

लागे बड़ा प्यारा......

दूध दही और छाछ लुटाओ,

माखन मिश्री भोग लगाओ,

खुद नाचो और जग को नचाओ,

मिलजुल के यह पर्व मनाओ,

आया जग का रखवाला,

जनमाष्टमी का दिन,

लागे बड़ा प्यारा......

व्रत राखो और मंदिर जाओ,

भजनों से कान्हा को रिझाओ,

तन मन धन सब इस पे वारो,

करो श्रृंगार और आरती उतारो,

मन को भाए नंदलाला,

जनमाष्टमी का दिन,

लागे बड़ा प्यारा......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।