श्री गोवर्धन महाराज

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,

तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ,

श्री गोवर्धन महाराज….

तोपे पान चढ़े, तोपे फूल चढ़े,

तोपे चढ़े दूध की धार,

श्री गोवर्धन महाराज….

तेरे गले में कंठा साज रेहेओ,

ठोडी पे हीरा लाल,

श्री गोवर्धन महाराज….

तेरे कानन कुंडल चमक रहेओ,

तेरी झांकी बनी विशाल,

श्री गोवर्धन महाराज….

तेरी सात कोस की परिकम्मा,

चकलेश्वर है विश्राम,

श्री गोवर्धन महाराज….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।