तेरी काया निर्मल हो जाएगी

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

तेरी काया निर्मल हो जाएगी तू कर ले व्रत ग्यारस का,

तू कर ले व्रत ग्यारस का तू कर ले भजन हरि का,

तेरी काया निर्मल हो जाएगी तू कर ले व्रत ग्यारस का....

क्यों बेटा बेटा करता है यह बेटा साथ ना देता है,

बेटा बहुओं के हो जाएंगे, तू कर ले व्रत ग्यारस का....

क्यों बहुएं बहुएं करता है यह बहुएं साथ ना देती हैं,

बहूऐ तो न्यारी हो जाएंगी, तू कर ले व्रत ग्यारस का.....

क्यों बेटी बेटी करता है यह बेटी साथ ना देती हैं,

बेटी ससुराल चली जाएंगी, तू कर ले व्रत ग्यारस का.....

क्यों पोती पोते करता है यह पोते साथ ना देते हैं,

पोते परदेस चले जाएंगे, तू कर ले व्रत ग्यारस का.....

क्यों मेरा मेरा करता है यहां पर कुछ भी नहीं तेरा है,

सब पढ़ा रही पर रह जाएगा, तू कर ले व्रत ग्यारस का.....

तू सतगुरु जी के गुण गा ले जीवन अपना सफल बना ले,

तू भव से पार उतर जाएगा, तू कर ले व्रत ग्यारस का.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।