आये शरण हम नंदलाला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्री कृष्णा गोपाला, आये शरण हम नंदलाला,

हे नंदलाला मेरे गोपाला,

श्री कृष्णा गोपाला, आये शरण हम नंदलाला…….

हम बालक हरी कुछ ना जाने, अपना सब कुछ तुम को माने,

मुरली की वो तान सुनादे, जिसकी सुन हो जाए दीवाने,

तू सबका है रखवाला, आये शरण हम नंदलाला…….

हम सब बच्चे है प्रभु तेरे, दूर करो मन के अंधेरे,

हृदय ज्ञान की ज्योत जगादो, ना अज्ञान हमे कभी घेरे,

दिखा प्रेम का उजियाला, आये शरण हम नंदलाला…….

ऐसी कृपा हम पर कर दो, हाथ दया का सर पे धर दो,

दुख की धूप कभी ना आये, सुख से केशव दामन भर दो,

तू मेरा मुरली वाला, आये शरण हम नंदलाला…….

तेरी सब संतान प्रभु है, हम बालक नादान प्रभु है,

दोष हमारे चित नही धरना, कहे भूलन अंजान प्रभु है,

‘हरीश’ जपे प्रभु तेरी माला, आये शरण हम नंदलाला…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।