बालाजी नाम का ज़माना है दीवना

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

थारे नाम का ज़माना है दीवाना,

बालाजी थारे नाम का,

तेरे जैसा कोई देव देखा नहीं,

क्या कहना बालाजी तेरी शान का,

थारे नाम का ज़माना है दीवाना,

बालाजी थारे नाम का.....

नाम की तेरे बाबा महिमा है भारी,

सब पे होती बाबा कृपा तुम्हारी,

राजा हो या हो रंक साधु हो या हो संत,

सभी गाते तराना तेरे नाम का,

थारे नाम का ज़माना है दीवाना,

बालाजी थारे नाम का.....

टाटा अम्बानी जैसे सेठ अनेकों,

तेरी बदौलत सुख पाते हैं देखो,

तू है भक्तो के साथ, रखता सबकी तू बात,

तूने बीड़ा उठाया जग कल्याण का,

थारे नाम का ज़माना है दीवाना,

बालाजी थारे नाम का.....

भक्तों पे खुल के दया तुम हो लुटाते,

तेरा सच्चा है नाम टेअर पावन है धाम,

तुझसे नाता जुड़ा है श्री राम का,

थारे नाम का ज़माना है दीवाना,

बालाजी थारे नाम का.....

लक्ष्मण पे मूर्छा छाई रघुवर घबराये,

संजीवन बूटी बाबा तुम लेके आये,

लाये पर्वत उखाड़ दिया काल को पछाड़,

परं तुमने बचाया लखन लाल का,

थारे नाम का ज़माना है दीवाना,

बालाजी थारे नाम का.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।