राधे श्याम श्यामा श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जय माधव मदन मुरारी

==================

जय माधव मदन मुरारी,

जय केशव कलीमल हारी,

राधे, श्याम श्यामा श्याम,

राधे, श्याम श्यामा श्याम ll

सुन्दर कुण्डल, नयन विशाला l

गले सोहे, वैजन्तीमाला ll

या छवी की, बलिहारी,,, ll,

राधे, श्याम श्यामा श्याम,

राधे, श्याम श्यामा श्याम,,,

जय माधव मदन मुरारी,,,,,,,F

ग्वाल बाल संग, धेनु चराई l

वन वन भरमत, फिरे यदुराई ll

काँधे, कामर कारी,,, ll,

राधे, श्याम श्यामा श्याम,

राधे, श्याम श्यामा श्याम,,,

जय माधव मदन मुरारी,,,,,,,F

चुरा चुरा नव, नीत जो खायो l

ब्रज भक्तन के, नाम धरायो ll

माखन, चोर मुरारी,,, ll,

राधे, श्याम श्यामा श्याम,

राधे, श्याम श्यामा श्याम,,,

जय माधव मदन मुरारी,,,,,,,F

इक्क दिन मान, इंद्र को मारो l

नख ऊपर, गोवर्धन धारो ll

नाम, पड़ो है गिरधारी,,, ll,

राधे, श्याम श्यामा श्याम,

राधे, श्याम श्यामा श्याम,,,

जय माधव मदन मुरारी,,,,,,,F

दुर्योधन को, भोग न खायो l

रूखो साग, विधुर को खायो ll

ऐसे, प्रेम पुजारी,,, ll,

राधे, श्याम श्यामा श्याम,

राधे, श्याम श्यामा श्याम,,,

जय माधव मदन मुरारी,,,,,,,F

कबहुं लूट, लूट दहीं खायो l

कबहुं मधुबन, रास रचायो ll

नाचत, बिपिन बिहारी,,, ll,

राधे, श्याम श्यामा श्याम,

राधे, श्याम श्यामा श्याम,,,

जय माधव मदन मुरारी,,,,,,,F

करुणा कर, द्रौपदी पुकारी l

पट में, लिपट गए बलिहारी ll

निरख, रहे नर नारी,,, ll,

राधे, श्याम श्यामा श्याम,

राधे, श्याम श्यामा श्याम,,,

*जय माधव मदन मुरारी,,,,,,,F

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।