तेरा मखन किवे चुरावे श्याम मेरा निक्का जेहा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरा मखन किवे चुरावे श्याम मेरा निक्का जेहा,

उसदा छिक्के उत्ते हाथ वी ना जावे, श्याम मेरा निक्का जेहा.....

तु केहंदी घर मेरे आंदा,

मेरी मटकी दा मखन चुरान्दा,

उसनु रिडन दा वल वी ना आवे, श्याम मेरा निक्का जेहा.....

तेरे आगे मटकी पड़ी है,

दूध मखना दे नाल भरी है,

उहता ज़रा ना जरना उठावे, श्याम मेरा निक्का जेहा.....

तुसी सोला बरस दिया बाला,

छे वरा दा मेरा नंदलाला,

ऐवे गिरधर दोष लगावे, श्याम मेरा निक्का जेहा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।