ढूंढते रह जाओगे

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

अच्छी बात

21 वी सदी का दुनिया।।

सहरों में इस्कूल को,

रास्तों में धूल को,

कांटो में फूल को,

लोगो मे उसूल को,

ढूंढते रह जाओगे।

नेता में सच्चाई को,

दूध में मलाई को,

आशिक में वफाई को,

दुनियां में भलाई को,

ढूंढते रह जाओगे।

देवता में राम को,

खुशिया भरी सामको,

प्यार के पैगाम को,

ईश्वर के नाम को,

ढूंढते रह जाओगे।

सुर में साज को,

सफलता के राज को,

वख्त की आवाज को,

औरतों में लाज को,

ढूंढते रह जाओगे।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।