जय हो भोले नाथ तेरी खुल गई मेरी लाटरी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जय हो भोले नाथ तेरी खुल गई मेरी लाटरी,

तेरी ही किरपा से हे बाबा मिल गई मुझे नौकरी,

भोले तेरी भगती ने कमाल कर दिया,

तूने सारे भगतो को निहाल कर दिया,

जो भी आये दवार पे तेरे खाली हाथ न जाता है,

तेरी भक्ति करके भक्ता मन चाहा फल पता है,

ओले ओले डमा डम डमरू ओले,

बम बम भोले भाग्य भक्तो खोले,

साचा तेरा दरबार है मिलता यहाँ पे प्यार है,

मेरे खजाना भर दिया तूने महिमा अपरम पार है,

भोले तेरी भगती ने कमाल कर दिया,

कल तक थी मेरे घर कडकी रोटी के थे लाले पड़े,

तेरी दया जब हो गई भोले बन गया लाख पति खड़े खड़े,

जागे जागे भाग मेरे जागे जागे,भागे भागे दुःख मेरे भागे भागे,

आया शरण जब मैं तेरी शादी वि हो गई मेरी,

सुना पड़ा है आंगन घर का महका दे भगिया मेरी,

भोले तेरी भगती ने कमाल कर दिया

जय हो भोले नाथ तेरी खुल गई मेरी लाटरी,

तेरी ही किरपा से हे बाबा मिल गई मुझे नौकरी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।