झूला झूलन आएगी गौरा लेके सखियां

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

गोरा झूलन पधारो घिर आए बदरा....

झूला पर्वत पर भोले जी डलाए रखना,

झूला झूलन आएगी गौरा लेके सखियां....

झूला काशी में भोले जी डलाए रखना,

झूला झूलन आएगी गौरा लेके सखियां....

झूला हरिद्वार में भोले जी डलाए रखना,

झूला झूलन आएगी गौरा लेके सखियां....

झूला नीलकंठ पर भोले जी डलाए रखना,

झूला झूलन आएगी गौरा लेके सखियां....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।