जीवन की नैया तेरे हाथ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैने सौंपी है,

जीवन की नैया तेरे हाथ,

लोगो से हमने सुना है,

हर दम तू ही देता है,

हारे का साथ,

मैंने सौपी है,

जीवन की नैया तेरे हाथ.....

मेरे दोनों हाथ तेरे आगे,

क्या है कमी इनमे तू बतला दे,

क्या वो लकीर नहीं है,

क्या वो तकदीर नहीं है,

या हो नाराज़,

मैंने सौपी है,

जीवन की नैया तेरे हाथ.....

इन हाथों को तेरी है दरकार,

मेरे पीछे है पूरा परिवार,

नैया मझधार फसी है,

तेरे होठो पे हँसी है,

क्यों दीनानाथ,

मैंने सौपी है,

जीवन की नैया तेरे हाथ....

जिसे दिया उसे खूब दिया है श्याम,

मुझसे क्या इन्साफ किया है श्याम,

क्या उनके हाथ है ज्यादा,

या फिर औकात है ज्यादा,

बतला दो बात,

मैंने सौपी है,

जीवन की नैया तेरे हाथ......

भक्तो से है क्यों मुख मोड़ लिया,

या तकदीर बदलना छोड़ दिया,

कहता ‘पवन’ ना छूटे,

ये भरोसा ना टूटे,

रख लेना बात,

मैंने सौपी है,

जीवन की नैया तेरे हाथ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।