अंजनी के लाल हनुमान आज मेरा संकट हरो

संत तुलसीदास
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

अंजनी के लाल हनुमान आज मेरा संकट हरो,

अंजनी के लाल हनुमान आज मेरा संकट हरो,

संकट हरो मेरी विनती सुनो, मेरी विनती सुनो,

अंजनि के लाल हनुमान आज मेरा संकट हरो………

लाखो को तारे लाखो उबारे,

लाखो को तारे लाखो उबारे,

हमको भी तारो हनुमान, आज मेरा संकट हरो,

अंजनि के लाल हनुमान आज मेरा संकट हरो……

लक्ष्मण को शक्ति बाण लाग्यो जब,

लक्ष्मण को शक्ति बाण लाग्यो जब,

लाये संजीवन उतार, आज मेरा संकट हरो,

अंजनि के लाल हनुमान आज मेरा संकट हरो....

लंका में जब ये हलचल मची थी,

विभीषण की कुटिया कैसे बची थी,

कुटिया में लिखा राम नाम, आज मेरा संकट हरो,

अंजनि के लाल हनुमान आज मेरा संकट हरो…..

तुलसीदास रख आस रघुवर की,

तुलसीदास रख आस रघुवर की,

राम जी के भक्त हनुमान, आज मेरा संकट हरो,

अंजनी के लाल हनुमान आज मेरा संकट हरो……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।