मैया हर नर्मदे रेवा मां नर्मदे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया हर नर्मदे रेवा मां नर्मदे,

मैया हर नर्मदे रेवा मां नर्मदे।

सारे भक्तो को मुक्ति तू देती है माँ,

अब तो बारी हमारी भी आई है माँ,

मैया हर नर्मदे रेवा मां नर्मदे।

बड़ी दूर से चलकरके आए है माँ,

तेरे दर्शन की आशा लगाए है माँ,

तेरे दर्शन बिना नहीं जायेंगे माँ,

मैया हर नर्मदे रेवा मां नर्मदे।

श्रद्धालु खड़े मां तेरे घाट पर,

आके दर्शन तू देना नेमार घाट पर,

सभी भक्तो ने तुमको पुकारा है माँ,

मैया हर नर्मदे रेवा मां नर्मदे।

भूरे मगरो पे तेरी सवारी है माँ,

संत लोगो को दर्शन तू देती है माँ,

सभी संतो ने तुमको पुकारा है माँ,

मैया हर नर्मदे रेवा मां नर्मदे,

मैया हर नर्मदे रेवा मां नर्मदे।

।।नर्मदे हर जीवन भर।।

।।नर्मदा मैया की जय।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।