जब जब लिया सहारा तेरा

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

जब जब लिया सहारा तेरा बिगड़े बने मेरे काम,

सुख दुख में मेरे जीवन साथी बन गए हनुमान,

प्रेम का तार न टूटे तेरा दरबार न छूटे...

मैने तेरे भरोसे अपनी ये जीवन नाव चलाई,

आकरके इसे पर लगाना महावीर हनुमान,

प्रेम का तार न टूटे तेरा दरबार न छूटे...

मां अंजली के लाल कहाए रामजी के प्यारे,

अष्ट सिद्धि नव निधि का ऐसा पाया है वरदान,

प्रेम का तार न टूटे तेरा दरबार न छूटे...

।।हनुमान जी महाराज की जय।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।