मेरी गौरा आने वाली हैं

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

राहों में फूल बिछा देना मेरी गौरा आने वाली हैं।

कोई गौरा को टीका लगा देना टीका में नग जड़वा देना,

कोई बिंदिया लाल लगा देना मेरी गौरा आने वाली हैं

राहों में फूल बिछा देना मेरी गौरा आने वाली हैं।

कोई गौरा को हरवा पहना देना हरवा में मोती जड़ा देना,

कोई फूलों का हार पहना देना मेरी गौरा आने वाली हैं

राहों में फूल बिछा देना मेरी गौरा आने वाली हैं।

कोई गौरा को चूड़ियां पहना देना चूड़ियां में नग जड़वा देना,

कोई मेंहदी लाल लगा देना मेरी गौरा आने वाली हैं

राहों में फूल बिछा देना मेरी गौरा आने वाली हैं।

कोई गौरा को पायल पहना देना पायल में घुंघरू लगा देना,

कोई महावार लाल लगा देना मेरी गौरा आने वाली हैं

राहों में फूल बिछा देना मेरी गौरा आने वाली हैं।

कोई गौरा को लहंगा पहना देना लहंगे में गोटा लगा देना,

कोई चुनरी लाल ओढ़ा देना मेरी गौरा आने वाली हैं

राहों में फूल बिछा देना मेरी गौरा आने वाली हैं।

Shweta Pandey (Varanasi)

"मधुर भजन बेला"

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।