मुरली वाले ने रौनका लगाईया आज ते कमाल हो गया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुरली वाले ने रौनका लगाईया, आज ते कमाल हो गया.....

चौंकी सजा के कान्हा ज्योत जगाई है,

रल मिल भगता ने खुशिया मनाई है,

इक दूजे नु देन वधाईया आज ते कमाल हो गया,

मुरली वाले ने रौनका लगाईया.....

बजदे ने ढोल ते बजदे नगाड़े ने,

भंगड़े पाके सीता ने सारे ने,

सारे पासे ने खुशिया छाईया आज ते कमाल हो गया,

मुरली वाले ने रौनका लगाईया.....

राधा रानी नाल रास रचाई है,

लेलो जो भी लेना आज खुशिया छाई है,

मुरली वाले ने मौजा लुटाईया आज ते कमाल हो गया,

मुरली वाले ने रौनका लगाईया.....

दुरो दुरो कान्हा तेरे भगत आये ने,

सारिया ने मिल के जयकारे लाये ने,

आज सारिया ने भेंटा गाईया आज ते कमाल हो गया,

मुरली वाले ने रौनका लगाईया.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।