भाई बहन का प्यार है राखी

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

भाई बहन का प्यार है राखी,

दो तारो का सार है राखी,

बहन मनाये आज बंधन राखी का है......

बहना आये आज घर माँ,

मात पिता भाई का सपना,

राखी बांधे आज बहनवा,

भाई लुटाये सब प्यार, बंधन राखी का है......

भाई कहे ओ सुनलो बहना,

इस जनम हम साथ हि रहना,

तोड़े न कोई इस बंधन को,

चाहे न छूटे साथ, बंधन राखी का है......

रक्षा बंधन धागो का है,

भाई का बंधन रक्षा का है, कच्चे धागो में छिपा है,

भाई बहन का प्यार, बंधन राखी का है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।