नगर डगर बम बम भोला

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

नगर-नगर, डगर-डगर, बम-बम भोला,

नाच रहे जमके देखो नंदी-भोला……..

गौरा ने भी जब रगड़ रगड़ भाँग बनाई,

भोलेनाथ ने फिर जमकर दो घूंट लगाई,

बेसुध ही पी गए अक्कउआ-धतूरा,

नगर-नगर, डगर-डगर, बम-बम भोला....

भक्तो दीवानगी यहाँ कैसी छाई,

नंदी ने झुम ढोलक ताल बजाई,

महादेव संग नाची हैं प्यारी सी गौरा,

नगर-नगर, डगर-डगर, बम-बम भोला....

हम भोले के है भक्त सबको भोले बोलते,

रंक राजा गोरा काला हम न तोलते,

मेरे मन को शिवाला बना विराजो रे भोला,

नगर-नगर, डगर-डगर, बम-बम भोला....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।