मैंने पाया नशा बस तुझमे मेरे भोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ॐ शिवाय ॐ शिवाय

मैंने पाया नशा बस तुझमे मेरे भोले मेरे भोले,

छोड़ चिंता मिली हूँ मैं तो बस तुझमे,

नमो नमो हे भोले शंकरा शंकरा भोले शंकरा,

मैंने पाया नशा बस तुझमे मेरे भोले मेरे भोले,

छोड़ चिंता मिली हूँ मैं तो बस तुझमे,

नमो नमो हे भोले शंकरा शंकरा भोले शंकरा.....

मैंने शंखो से अर्जी है भेजी तुझे,

पूरी मस्ती में डूबी मैं पूजू तुझे,

तूने बरसाई गंगा यहां सबपे,

तूने बरसाई गंगा यहां सबपे,

रोज दर्शन किया है मैंने मुझमें,

नमो नमो हे भोले शंकरा शंकरा भोले शंकरा....

डमरू पे नाचे ये मन ऐसे मिल जाता हूँ मुझसे मैं जैसे,

शिव तेरे है रंग हजारो एक रंग मैं देखु कैसे,

मेरी किश्मत का चंदा है तेरे सर पे मेरे भोले,

नमो नमो हे भोले शंकरा शंकरा भोले शंकरा,

मैंने पाया नशा बस तुझमे मेरे भोले मेरे भोले,

छोड़ चिंता मिली हूँ मैं तो बस तुझमे,

नमो नमो हे भोले शंकरा शंकरा भोले शंकरा......

हो भोले मेरे भोले……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।