शिव नमस्काराथा मंत्र

पारंपरिक
महादेव मंत्र शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमो हिरण्यबाहवे हिरण्यवर्णाय हिरण्यरूपाय,

हिरण्यपतए अंबिका पतए उमापतए पशूपतए नमो नमः

ॐ नमो हिरण्यबाहवे हिरण्यवर्णाय हिरण्यरूपाय,

हिरण्यपतए अंबिका पतए उमापतए पशूपतए नमो नमः

ॐ नमो हिरण्यबाहवे हिरण्यवर्णाय हिरण्यरूपाय,

हिरण्यपतए अंबिका पतए उमापतए पशूपतए नमो नमः

ईशान सर्वविद्यानाम् ईश्वर सर्व भूतानाम्,

ब्रह्मादीपते ब्रह्मनोदिपते ब्रह्मा शिवोमें अस्तु सदा शिवोम्

ईशान सर्वविद्यानाम् ईश्वर सर्व भूतानाम्,

ब्रह्मादीपते ब्रह्मनोदिपते ब्रह्मा शिवोमें अस्तु सदा शिवोम्

ईशान सर्वविद्यानाम् ईश्वर सर्व भूतानाम्,

ब्रह्मादीपते ब्रह्मनोदिपते ब्रह्मा शिवोमें अस्तु सदा शिवोम्

तत्पुरुषाय विद्महे वागविशुद्धाय धिमहे तन्नो शिव प्रचोदयात्,

महादेवाय विद्महे रुद्रमूर्तये धिमहे तन्नों शिव प्रचोदयात्,

तन्नों शिवम् प्रचोदयात्

नमस्ते अस्तु भगवन विश्वेश्वराय महादेवाय त्र्यंबकाय त्रिपुरान्तकाय,

त्रिकाग्नी कालाय कालाग्नी रुद्राय नीलकंठाय मृत्युंजयाय,

सर्वेश्वराय सदाशिवाय श्रीमन महादेवाय नमः

नमस्ते अस्तु भगवन विश्वेश्वराय महादेवाय त्र्यंबकाय त्रिपुरान्तकाय,

त्रिकाग्नी कालाय कालाग्नी रुद्राय नीलकंठाय मृत्युंजयाय,

सर्वेश्वराय सदाशिवाय श्रीमन महादेवाय नमः

सर्वेश्वराय सदाशिवाय श्रीमन महादेवाय नमः

नमस्ते अस्तु भगवन विश्वेश्वराय महादेवाय त्र्यंबकाय त्रिपुरान्तकाय,

त्रिकाग्नी कालाय कालाग्नी रुद्राय नीलकंठाय मृत्युंजयाय,

सर्वेश्वराय सदाशिवाय श्रीमन महादेवाय नमः

श्रीमन महादेवाय नमः

श्रीमन महादेवाय नमः

ॐ शांति शांति शांति

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।