चली पालकी महाकाल की

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

नगर भ्रमण चली पालकी,

लेने खबर नगर हालकी,

कालो के काल की,

बाबा महाकाल की.....

चली पालकी महाकाल की,

जय जय महाकाल,

जय जय महाकाल……

महाकाल के दर्शन कर लो,

सब दुःख कटता जाएगा,

हाथ जोड़कर वंदन कर लो,

काल अकाल ना आएगा,

क्योंकि..

कालो के काल की,

बाबा महा काल की,

चली पालकी महाकाल की,

जय जय महाकाल,

जय जय महाकाल……

मेरे महाँकाल महाराजा की ये शाही सवारी है,

दर्शन करने को यहाँ आई दुनिया सारी है,

क्योंकि,

कालो के काल की,

राजा महा काल की,

कालो के काल की, महाराजा महाकाल की,

चली पालकी महाकाल की,

जय जय महाकाल,

जय जय महाकाल……

शिप्रा किनारे पालकी में,

महाराज है आ रहे,

रहम नजर से भक्त तेरे तेरा दर्शन पा रहे,

क्योंकि..

कालो के काल की,

राजा महा काल की,

कालो के काल की, महाराजा महाकाल की,

चली पालकी महाकाल की,

जय जय महाकाल,

जय जय महाकाल……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।