म्हारा उज्जैन का महाराजा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बोल महाकाल महाराज की जय,

म्हारा उज्जैन का महाराजा की जय जय हो,

जय जय हो जय जय हो………

बेटा चिंतामन की जय हो,

मैया हरसिद्धि की जय हो,

पिता महाकाल राजा जी की जय जय हो,

पिता महाकाल राजा जी की जय जय हो.....

म्हारा उज्जैन का महाराजा की जय जय हो,

जय जय हो जय जय हो……….

बाबा राम घाट की जय हो,

बाबा राम घाट की जय हो,

मैया क्षिप्रा जी की जय हो,

बाबा काल भैरव राजा जी की जय जय हो,

बाबा काल भैरव राजा जी की जय जय हो………

म्हारा उज्जैन का महाराजा की जय जय हो,

जय जय हो जय जय हो………..

बाबा सोमनाथ की जय हो,

बाबा विश्वनाथ की जय हो,

बाबा वैद्यनाथ की जय हो,

बाबा केदारनाथ की जय हो,

म्हारा उज्जैन का महाराजा की जय जय हो,

जय जय हो जय जय हो…….

बाबा मंमलेश्वर की जय हो,

बाबा नागेश्वर की जय हो,

बाबा घृणेश्वर जय हो,

बाबा रामेश्वरम की जय हो,

म्हारा उज्जैन का महाराजा की जय जय हो,

जय जय हो जय जय हो………

बाबा भीमा शंकर जय हो,

बाबा त्रियंबकेश्वर की जय हो,

बाबा मल्लिकार्जुन की जय हो……

बाबा ओम्कारेश्वर की जय हो,

म्हारा उज्जैन का महाराजा की जय जय हो,

जय जय हो जय जय हो......

म्हारा उज्जैन का महाराजा की जय जय हो,

जय जय हो जय जय हो....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।