शंकर जी का कुण्डी सोटा ले गई गौरा पार्वती

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शंकर जी का कुण्डी सोटा ले गई गौरा पार्वती,

ले गई गौरा पार्वती हाँ ले गई गौरा पार्वती…..

पार्वती जी पूछन लागी जटा में तेरे क्या है पति,

जटा में मेरी गंगा विराजे खूब नहाओ पार्वती,

हाँ शंकर जी का कुण्डी सोटा ले गई गौरा पार्वती….

पार्वती जी पूछन लागी गले में तेरे क्या है पति,

गले में मेरे कंठी माला खूब जपो तुम पार्वती,

हाँ शंकर जी का कुण्डी सोटा ले गई गौरा पार्वती…..

पार्वती जी पूछन लागी हाथ में तेरे क्या है पति,

हाथ में मेरे डमरू विराजे खूब बजाओ पार्वती,

हाँ शंकर जी का कुण्डी सोटा ले गई गौरा पार्वती…..

पार्वती जी पुछन लागी गोद में तेरे क्या है पति,

गोद में मेरे गणपति लाला खूब खिलाओ पार्वती,

हाँ शंकर जी का कुण्डी सोटा ले गई गौरा पार्वती…..

पार्वती जी पूछन लागी संग में तेरे क्या है पति,

संग में मेरे नंदी विराजे खूब घूमो पार्वती,

हाँ शंकर जी का कुण्डी सोटा ले गई गौरा पार्वती…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।