रूतबा तेरी शक्ति का

श्री मनोज कुमार खरे
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

रूतबा तेरी शक्ति का, सारे संसार में, सारे संसार में,

आज भी है और कल भी रहेगा,

चर्चा यही माँ, तेरा एक में हजार में, एक में हजार में,

आज भी है और कल भी रहेगा,

रूतबा तेरी शक्ति का…

जो सच्ची श्रद्धा से शरण में तेरी आता है,

होकर निहाल मैया गीत खुशियों के गाता है,

असर दुआ का मैया तेरे प्रसाद में, तेरे प्रसाद में,

आज भी है और कल भी रहेगा,

रूतबा तेरी शक्ति का…

श्रष्टि कर्ता है तूँ, तुही दुनियाँ की मालिक है,

है कौन बड़ा तुझसे सभी तो तेरे बालक हैं,

सुख का भरोसा मेरी मैया तेरे प्यार में, मैया तेरे प्यार में,

आज भी है और कल भी रहेगा,

रूतबा तेरी शक्ति का…

गीतकार : श्री मनोज कुमार खरे

गायन स्वर : संदीप यादव एवं स्वाति खरे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।