भोले तेरी भक्ति मैं झूमे सभी मस्ती मैं

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले तेरी भक्ति मैं झूमे सभी मस्ती मैं,

हमने पिली थोरी जो भंग दिल बम बम भोले के मन खाए हिचकोले,

मन में उठी है अजब सी तिरंगे,

बस में नही सतरंगी उमंगें,

मेरे समीप नही भाव भड़ते मचले है मन दिल सबका धडके,

मौसम भी सुहुना है दिल सब का दीवाना है,

छाया है सबपे भगती रंग के दिल बम बम भोले

के मन खाए हिचकोले......

ना जाने हमको ये क्या हो रहा है

भोले की भंग का नशा शा रहा है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।