सुनले प्यारे गोपाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नंदबाबा का मैं हूँ गोरा नन्द गाँव मेरो गाँव,

श्यामा तुमसे मिलने आया मैं कान्हा घनश्याम,

प्यारा बरसाना धाम.....

मेरे मन मंदिर में गूँजे राधे राधे नाम,

में हूँ तेरी प्रेम पुजारन हे प्यारे नंदलाल,

अपनी गवलन मुझे बना लो हे गऊ के गोआल,

सुनले प्यारे गोपाल,

मुरली सुनाके कर दो मुझको निहाल,

राधे राधे नाम गूँजे राधे राधे नाम,

प्यारा बरसाना धाम......

तीन लोक का स्वामी हूँ मैं, मुझ सा कोई ना दूजा,

सब मेरी पूजा करते है, करू मैं तेरी पूजा,

मैं हूँ तेरा गुलाम,

मेरे मन मंदिर में गूँजे राधे राधे नाम,

प्यारा बरसाना धाम.....

तू चंदा मैं भई चकोरी, रहू दरश की प्यासी,

मेरे रोम रोम में तुम हो, हे कान्हा अविनाशी,

दिखा अपना कमाल,

मुरली सुनाके कर दो मुझको निहाल,

करदे निहाल मुझको,

सुनले प्यारे गोपाल....

जमुना पे जब मुरली बाजे दौड़ी दौड़ी आना,

तू मेरी दीवानी श्यामा मैं तेरा दीवाना,

छोडू सारे आराम,

मेरे मन मंदिर में गूँजे राधे राधे नाम,

प्यारा बरसाना धाम,

मेरे मन मंदिर में गूँजे राधे राधे नाम,

सुनले प्यारे गोपाल....

छोड़ो सारी दुनिया को मैं तेरा प्यार अपनाऊं,

साँवरिया तू जहाँ बुलाये झट से चल आऊ,

भूलन छुए ना काल,

मुरली सुनाके कर दो मुझको निहाल,

करदे निहाल मुझको,

सुनले प्यारे गोपाल……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।