भोले जी तेरी एक ना मानूंगी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले जी तेरी एक ना मानूंगी, भांग तेरी अब ना घोटुगी.....

भांग तु क्यों ना घोटेगी,

भांग पीने ब्रह्मा जी आएंगे,

भांग ब्रह्माणी से घुटवाऊगी, भांग तेरी अब ना घोटूगी.....

भांग तु क्यों ना घोटेगी,

भांग पीने विष्णु जी आएंगे,

भांग लक्ष्मी जी से घुटवाउंगी, भांग तेरी अब ना घोटूगी....

भांग तु क्यों ना घोटेगी,

भांग पीने रामा जी आएंगे,

भांग सीता जी से घुटवाउंगी, भांग तेरी अब ना घोटूगी....

भांग तु क्यों ना घोटेगी,

भांग पीने कान्हा जी आएंगे,

भांग राधा से घुटवाउंगी, भांग तेरी अब ना घोटूगी.....

भांग तू क्यों ना घोटेगी,

भांग पीने सभी देव आएंगे,

भांग देवियों से घुटवाउंगी, भांग तेरी अब ना घोटूगी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।