हर जन्मों में भोले दरबार मिल जाए

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हर जन्मों में भोले दरबार मिल जाए,

और दिल के खज़ाने से जरा सा प्यार मिल जाए….

भोले का सहारा हो और चरणों में गुजारा हो,

मेरे हर कमों के पीछे भोले का इशारा हो,

इस किस्मत को भोले सा सरकार मिल जाए,

और दिल के खज़ाने से जरा सा प्यार मिल जाए….

गुणगान हो भोले का और शिवलिंग की पूजा हो,

मेरे मन की कुटिया में और न कोई दूजा हो,

हर दिन इसका दर्शन सौ-सौ बार मिल जाए,

और दिल के खज़ाने से जरा सा प्यार मिल जाए….

शिव नाम के हीरे-मोती भर जाए झोली में,

बनवारी इसे जाकर बेचू भक्तों की गली में,

जन्म जन्म तक मुझको यही व्यापार मिल जाए,

और दिल के खज़ाने से जरा सा प्यार मिल जाए….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।