बम बम भोले भेद सारे खोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ओ बम बम भोले डमरू तेरा बोले ये भेद सारे खोले ,

तू सबसे महान है के तेरे हाथो में जगत की कमान है,

ओ भंडारी तेरी लीला है न्यारी, तू है त्रिपुरारी,

करे कल्याण है के तेरे हाथों में जगत की कमान है,

पहले भी तूने वरदान ये दिए थे,

तुम हो बड़े ही दानी, तेरी महिमा को बाबा,

हम सब क्या जानें, हम तो बड़े है अज्ञानी,

हे शिवशंकर भोले भाले तेरे खेल निराले

गंगा धारी कहे दुनिया सारी जगत में प्यारी,

प्रभु तेरी शान है के तेरे हाथो में जगत………

कण कण के अंदर बाबा तुम तो बसे हो,

भोले नाथ जी कैलासी, मुझको भी स्वामी,

आके दर्शन दिखाओ अंखियां मेरी है,

प्यासी अंतर्यामी, अंतर्यामी जगत के,

स्वामी कहलाते अविनाशी बम भोले,

बिहारी सबका हितकरी चरण में तिहारी,

पड़ा ये जहान है के तेरे हाथों में जगत,

की कमान है बम बम बोले……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।