जब से भोलेनाथ हम तुम्हारे हो गए

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सारे दुःख दूर हमारे हो गए,

सारे दुःख दूर हमारे हो गए,

जब से भोलेनाथ हम तुम्हारे हो गए,

मेरे जीने के तुम सहारे हो गए,

जब से डमरू वाले हम तुम्हारे हो गए....

सबसे रिश्ता तोड़ के बैठे,

तुमसे नाता जोड़ के बैठे,

सारे जग से उठा भरोसा,

सब कुछ तुम पर छोड़ के बैठे,

बिना तक़दीर के गुज़ारे हो गए,

जब से डमरू वाली हम तुम्हारे हो गए,

जब से भोलेनाथ हम तुम्हारे हो गए.....

हमने ये एहसास किया है,

साथ भगत के रहता है तू,

कभी ना छोड़े मुझे अकेला,

हाथ पकड़ कर चलता है तू,

ऐसा लगता है हम किनारे हो गए,

जब से डमरू वाली हम तुम्हारे हो गए,

जब से भोलेनाथ हम तुम्हारे हो गए......

एक बार मेरे भोले को देखूं,

बार बार मेरा दिल करता है,

बिन देखे तुझे मर ना जाऊं,

सोच सोच कर दिल डरता है,

मेरी आँखों के तुम तो तारे हो गए,

जब से डमरू वाली हम तुम्हारे हो गए,

जब से भोलेनाथ हम तुम्हारे हो गए......

तेरा होकर देख लिया है,

तेरा बनकर ही रहना है,

अपना बना के रखना बाबा,

बनवारी ये ही कहता है,

तेरे चलते जीवन में उजाले हो गए,

जब से डमरू वाली हम तुम्हारे हो गए,

जब से भोलेनाथ हम तुम्हारे हो गए......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।