मेरे श्याम दा दरबार किन्ना सोहना सजया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सोहना सजया सोहना सजया,

मेरे श्याम दा दरबार किन्ना सोहना सजया,

सोहना करके श्रृंगार बैठे मुरली वाले श्याम,

मेरे श्याम दा दरबार किन्ना सोहना सजया.....

अर्षा तो देवता आये ने,

उन्हा आके जयकारे लगाए ने,

उन्हा किता प्रणाम वेद हो गये हैरान,

आज स्वर्ग वी इसदे आगे फीका लगया,

सोहना सजया सोहना सजया.........

दुरो दुरो संगता आईया ने,

इक दूजे नु देन वधाईया ने,

कोई नचे कोई गावे कोई जयकारे लगावे,

आज हर कोई इसदे रंग विच रंगिया,

सोहना सजया सोहना सजया........

श्री वृन्दावन सोहना लगदा है,

ओहदे कोने तो सोहना लगदा है,

जेहड़ा आवे इक बार बेड़ा हो जावे पार,

सानू श्याम दे दीदार विच रब दिखया,

सोहना सजया सोहना सजया...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।