मेरे साईं तेरी नज़रे करम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे साईं तेरी नज़रे करम एक वार हो जाये,

तो हम जैसे गुन्हा गारो का बेडा पार हो जाये,

मेरे साईं तेरी नजरे......................

तुम्ही मेरी डूबती नैया किनारे से लगाई है,

मेरी नैया भी साईं इस तरह पार हो जाये,

तो हम जैसे गुन्हा गारो का बेडा पार हो जाये,

मेरे साईं तेरी नजरे......................

मैं अपने साईं की चाहत कुछ इस तरहा खो जाऊ,

जिधर नजरे उठाऊ साईं का दीदार हो जाये,

तो हम जैसे गुन्हा गारो का बेडा पार हो जाये,

मेरे साईं तेरी नजरे......................

येही है आरजू मेरी येही मेरी तमना है,

कर्म की एक नजर साईं एक वार हो जाये,

तो हम जैसे गुन्हागारो का बेडा पार हो जाये,

मेरे साईं तेरी नजरे......................

सुनाओ गा मैं अपना हाले दिल सब उनको रो रो के,

शिर्डी में मेरा जाना अगर एक बार हो जाये,

तो हम जैसे गुन्हागारो का बेडा पार हो जाए,

मेरे साईं तेरी नजरे......................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।