मैं आई तेरे दरबार

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हो मैं आई तेरे दरबार शंकर भोले जी,

हो शंकर भोले जी....

नाम तुम्हारा भोला भाला,

सारी दुनिया की हो सुणने आला,

तुम मेरी भी सुणो पुकार शंकर भोले जी,

मैं आई तेरे दरबार शंकर भोले जी,

हो शंकर भोले जी....

फूल चढ़ाऊँ भोले फल मैं चढ़ाऊँ,

काच्चे दूध तै तने नहवाऊं,

तुम मेरा भी करो सुधर शंकर भोले जी,

मैं आई तेरे दरबार शंकर भोले जी,

हो शंकर भोले जी.....

देसी घी की हो ज्योत जगाऊं,

हर दम तेरा हो ध्यान लगाऊं,

मेरी नैया कर दो पार शंकर भोले जी,

मैं आई तेरे दरबार शंकर भोले जी,

हो शंकर भोले जी....

सबके दुखड़े ओ मेटण आले,

सब संकट नै ओ काटण आले,

मेरा कर दो बेडा पार शंकर भोले जी,

मैं आई तेरे दरबार शंकर भोले जी,

हो शंकर भोले जी....

दूर तुम्हारा ओ धाम द्वारा,

पूजण नै जावे जग यो सारा,

तेरे सिर गंगे की धार शंकर भोले जी,

मैं आई तेरे दरबार शंकर भोले जी,

हो शंकर भोले जी....

जय भोले ओ मनै दे दे दर्शन,

मेरी आत्मा होज्या प्रसन्न,

मेरा कर दो बेडा पार शंकर भोले जी,

मैं आई तेरे दरबार शंकर भोले जी,

हो शंकर भोले जी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।