भोले ले चल अपने साथ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले ले चल अपने साथ अकेली घर घबराऊँगी,

घर घबराऊँगी रे भोले घर घबराऊँगी....

रोज सवेरे उठ कर भोले जल भर लाऊंगी,

भोले आप करे स्नान मैं धीरे धीरे जल भर लाऊंगी,

घर घबराऊँगी रे भोले घर घबराऊँगी,

भोले ले चल अपने साथ अकेली घर घबराऊँगी.....

रोज सवेरे उठ कर भोले फुल तोड़ लाऊंगी,

भोले आप करे पूजा पाठ मैं धीरे धीरे हार बनाऊँगी,

घर घबराऊँगी रे भोले घर घबराऊँगी,

भोले ले चल अपने साथ अकेली घर घबराऊँगी.....

रोज सवेरे उठ कर भोले भोजन बनाऊँगी,

भोले आप लगाए भोग मैं धीरे धीरे चवर ढूलाऊँगी,

घर घबराऊँगी रे भोले घर घबराऊँगी,

भोले ले चल अपने साथ अकेली घर घबराऊँगी.....

रोज सवेरे उठ कर भोले बिस्तर लगाऊँगी,

भोले आप करो विश्राम मैं धीरे धीरे चरण दबाऊँगी,

घर घबराऊँगी रे भोले घर घबराऊँगी,

भोले ले चल अपने साथ अकेली घर घबराऊँगी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।