मेरे सपनों में शंकर जी आने लगे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरे सपनों में शंकर जी आने लगे,

वो तो रह रह के जलवे दिखाने लगे....

मैंने पूछा शंकर जी जटा में है क्या,

वो तो गंगा की धारा बहाने लगे,

मेरे सपनों में शंकर जी आने लगे....

मैंने पूछा शंकर जी माथे पे है क्या,

वो तो चंदा की किरने चमकाने लगे,

मेरे सपनों में शंकर जी आने लगे.....

मैंने पूछा शंकर जी गले में है क्या,

वो तो नागों की माला फिकाने लगे,

मेरे सपनों में शंकर जी आने लगे.....

मैंने पूछा शंकर जी अंगो में है क्या,

वो तो बाघम्बर छाला दिखाने लगे,

मेरे सपनों में शंकर जी आने लगे.....

मैंने पूछा शंकर जी हाथों में है क्या,

वो तो डम डम डमरू बजाने लगे,

मेरे सपनों में शंकर जी आने लगे....

मैंने पूछा शंकर जी पैरों में है क्या,

वो तो छम छम घुघरू बजाने लगे,

मेरे सपनों में शंकर जी आने लगे....

मैंने पूछा शंकर जी गोदी में है क्या,

वो तो गणपति लाला दिखाने लगे,

मेरे सपनों में शंकर जी आने लगे.....

मैंने पूछा शंकर जी संग में है क्या,

वो तो गौरा मैया बताने लगे,

मेरे सपनों में शंकर जी आने लगे.....

मैंने पूछा शंकर जी खाने में है क्या,

वो तो भांग धतूरा बताने लगे,

मेरे सपनों में शंकर जी आने लगे....

मैंने पूछा शंकर जी सवारी है क्या,

वो तो नंदी का वाहन बताने लगे,

मेरे सपनों में शंकर जी आने लगे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।