साथी हमारा कौन बनेगा भोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

साथी हमारा कौन बनेगा तुम नहीं सुनोगे कौन सुनेगा,

तुम ना सुनोगे कौन सुनेगा…….

आ गया दर पे तेरे सुनाई हो जाये,

जिंदगी से दुखो की विदाई हो जाये,

एक नजर कृपा की डालो मानुगा अहसान ,

संकट हमारा कैसे टलेगा,

तुम ना सुनोगे कौन सुनेगा…….

सुना है हमने सभी से खिवैया एक ही है,

घूम लो सारी दुनिया शिव भोला एक ही है,

अबकी अबकी पार लगा दो मानूंगा,

एहसान तेरा मानूंगा एहसान,

हम को किनारा कैसे मिलेगा,

तुम ना सुनोगे तो कौन सुनेगा…..

पानी है सर से ऊपर मुसीबत अड़ गयी है,

आज हमको तुम्हारी ज़रूरत पड़ गयी है,

अपने हाथ से हाथ पकड़ लो मानूंगा,

साथ हमारे कौन चलेगा,

तुम ना सुनोगे तो कौन सुनेगा....

पाप की गठड़ी सर पर लाढ कर में लाया,

बोझ कुछ हल्का कर दे उठाने ना पाया,

फर्ज की रह बता संजू हो जाये कल्याण,

इसमें तुम्हारा कुछ ना घटेगा,

तुम ना सुनोगे कौन सुनेगा……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।