भोले तुझ बिन जिया जाये ना

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले जरुरी तुझ बिन जिया जाये ना,

शम्भू कैलाशी तुझ बिन रहा जाये ना,

भोले जरुरी तुझ बिन जिया जाये ना,

शम्भू कैलाशी तुझ बिन रहा जाये ना,

तेरी आहट वो ऐसी बिन मांगे लहर जैसी,

तेरे बिन मेरा जिया जाए ना जाये ना,

भोले तुझ बिन तो जिया जाये ना,

गौरा तुझ बिन तो रहा जाये ना,

भोले तुझ बिन तो जिया जाए ना जाये ना,

गौरा तुझ बिन तो रहा जाये ना......

खोले तू ऐसी और कोई याद आये ना,

संग भी जैसी अब तो भूल पाउ ना,

खोले तू ऐसी और कोई याद आये ना,

संग भी जैसी अब तो भूल पाउ ना,

तेरे बातें वो ऐसी बहती गंगा हो जैसी,

तेरे बिन मेरा जिया जाये ना जाये ना,

भोले तुझ बिन तो जिया जाए ना,

गौरा तुझ बिन तो रहा जाये ना,

भोले तुझ बिन तो जिया जाए ना जाये ना,

गौरा तुझ बिन तो रहा जाये ना......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।