मेरे है महाकाल

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

महाकाल

कलातीत कल्याण कल्पान्तकारी। सदा सज्जनानन्ददाता पुरारी,

चिदानंद संदोह मोहापहारी। प्रसीद प्रसीद प्रभो मन्मथारी,

प्रसीद प्रसीद प्रभो मन्मथारी....

महाकाल

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय

कालो के है काल मेरे है महाकाल,

कालो के है काल मेरे है महाकाल,

देवो में देव निराला, जिनका राजा निराला,

जिनका राजा निराला, जिनका राजा निराला,

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय....

नंदी की करते सवारी संग में गौरा महतारी,

गोद में गणपति बाप्पा सुख करता दुःख हरता,

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय.....

ब्रम्हा ने क्रोध दिलाया रौद्र रूप फिर आया,

फिर भये कल भैरव ब्रम्हा का सिर जिसने काटा,

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय....

तन पे भस्म रमय जटा में गंगा मैया,

ओ भोले भंडारी लाज रखो अब हमारी,

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय.....

जिनमे तुम हो विराजे शिप्रा जी के किनारे,

तीन लोक के स्वामी महाकाल कैलाशी,

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।