सावन आयो

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सावन आयो मन हर्षायो,

भोले बम बम स्वर में गायो.....

आक धतुरा जिनको पंसद है,

कैलाश में बाबा आनंद ही आनंद है,

वर्षा आयो, मोर चेहकायो,

भोले बम बम स्वर में गायो.....

उमापति है जग रखबारे,

बोले बाबा ने मेरे काज सवारे,

नंदी आयो खुशिया लायो,

भोले भोले जैयकारा लगायो

सावन में भक्तो की बिगड़ी बनेगी,

मोहित की बाबा से प्रीत बड़ेगी,

दर पे आयो नैया पार लगायो,

भोले बम बम स्वर में गायो.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।