श्याम दे जन्म दी सब नु बधाई है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नचो नचो नचो रूत नचने दी आई है,

श्याम दे जन्म दी सब नु बधाई है....

श्याम नु वेखन राम जी आये,

राम जी आये संग सीता जी नु ले आये,

आप भी नचे नाले सीता वी नचाई है,

नचो नचो नचो रूत नचने दी आई है,

श्याम दे जन्म दी सब नु बधाई है....

श्याम नु वेखन भोला जी आये,

भोला जी आये संग गौरा जी नु ले आये,

आप भी नचे नाले गौरा वी नचाई है,

नचो नचो नचो रूत नचने दी आई है,

श्याम दे जन्म दी सब नु बधाई है....

श्याम नु वेखन विष्णु जी आये,

विष्णु जी आये संग लक्ष्मी जी नु ले आये,

आप भी नचे नाले लक्ष्मी वी नचाई है,

नचो नचो नचो रूत नचने दी आई है,

श्याम दे जन्म दी सब नु बधाई है....

श्याम नु वेखन ब्रह्मा जी आये,

ब्रह्मा जी आये संग ब्रह्माणि जी नु ले आये,

आप भी नचे नाले ब्रह्माणि वी नचाई है,

नचो नचो नचो रूत नचने दी आई है,

श्याम दे जन्म दी सब नु बधाई है....

श्याम नु वेखन गवाले जी आये,

गवाले जी आये संग सखिया नु ले आये,

आप भी नचे नाले सखिया वी नचाई है,

नचो नचो नचो रूत नचने दी आई है,

श्याम दे जन्म दी सब नु बधाई है....

श्याम नु वेखन संगत आई,

संगत आई संग ढोलक चिमटा ले आई,

सारी संगत ने खुशिया मनाई है,

नचो नचो नचो रूत नचने दी आई है,

श्याम दे जन्म दी सब नु बधाई है....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।