शिवनाथ चरणों मे तेरे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव नाथ चरणों मे तेरे,

कोटि कोटि प्रणाम है।।

तेरी कृपा का न अंत है,

दीनों पे तू दयावंत है,

तू विश्व रूप अनंत है,

देवों का भी भगवंत है,

गंगा जटा के बीच में,

कैलाश तेरा धाम है,

शिव नाथ चरणों मे तेरे,

कोटि कोटि प्रणाम है.....

तुम आसमा में चांद तारे,

में धरा पे धूल हूँ,

तुम शक्तिमान हो विश्व में,

मुरझाया से मैं फूल हूँ,

हम राह में भटके पथिक,

और तुम प्रभु विश्राम हो,

शिव नाथ चरणों मे तेरे,

कोटि कोटि प्रणाम है.....

तेरा द्वार शांति से भरा,

हम भक्त तेरे अभिन्न है,

प्रभु तू सभी में एक है,

फिर भी लगे क्यूँ भिन्न है,

प्रभु तू ही तू सब विश्व में,

और तू ही सुबहा शाम है,

शिव नाथ चरणों मे तेरे,

कोटि कोटि प्रणाम है.....

तू देवता हम दास तेरे,

दीप हम तू ज्योति है,

धागा हैं हम सब माल के,

और आप उसके मोती है,

"राजेन्द्र"शिव ही सत्य है,

और शिव ही आनंद धाम है,

शिव नाथ चरणों मे तेरे,

कोटि कोटि प्रणाम है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।