कैलाश पर फूल बिछा देना

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कैलाश पर फूल बिछा देना मेरी गौरा आने वाली है....

कोई गौरा को टीका पहना दो,

कोई बिंदिया लाल लगा देना, मेरी गौरा आने वाली है....

कोई गौरा को झुमके पहना देना,

कोई नथनी में नाग जड़वा देना, मेरी गौरा आने वाली है....

कोई गौरा को हरवा पहना देना,

कोई फूलों के हार पहना देना, मेरी गौरा आने वाली है....

कोई गौरा को चूड़ियां पहना देना,

कोई मेहंदी लाल लगा देना, मेरी गौरा आने वाली है....

कोई गौरा को पायल पहना देना,

कोई महावर लाल लगा देना, मेरी गौरा आने वाली है....

कोई गौरा को साड़ी पहना देना,

कोई चुनरी लाल उड़ा देना, मेरी गौरा आने वाली है....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।