भोले जी के दिल की धड़कन

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले जी के दिल की धड़कन ले गई गौरा पार्वती....

गौरा जी ने हंसकर पूछा जटा में तेरे क्या है जी,

जटा में मेरे बह रही गंगा को नहा लो पार्वती,

भोले जी के दिल की धड़कन ले गई गौरा पार्वती....

गौरा जी ने हंसकर पूछा माथे पर तेरे क्या है जी,

माथे पर मेरे चंदा बिराजे दर्शन कर लो पार्वती,

भोले जी के दिल की धड़कन ले गई गौरा पार्वती....

गौरा जी ने हंसकर पूछा गले में तेरे क्या है जी,

गले में मेरे कंठी माला खूब पहन लो पार्वती,

भोले जी के दिल की धड़कन ले गई गौरा पार्वती....

गौरा जी ने हंसकर पूछा हाथों में तेरे क्या है जी,

हाथों में मेरे डमरू बस्ता खूब नाच लो पार्वती,

भोले जी के दिल की धड़कन ले गई गौरा पार्वती....

गौरा जी ने हंसकर पूछा गोद में तेरे क्या है जी,

गोद में मेरे गणपति लाला को खिला लो पार्वती,

भोले जी के दिल की धड़कन ले गई गौरा पार्वती....

गौरा जी ने हंसकर पूछा संग में तेरे क्या है जी,

संग में मेरे नंदी विराजे खूब घूम लो पार्वती,

भोले जी के दिल की धड़कन ले गई गौरा पार्वती....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।