बम बम भोले चले री कावड़ती

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बम बम भोले चले री कावड़ती

खर्चा बघावत बाबुल छोड़े,

उनको भी मोह ना आया कावड़ती,

बम बम भोले चले री कावड़ती...

लड्डू बनावत मैया छोड़ी,

उनको भी मोह ना आयो कावड़ती,

बम बम भोले चले री कावड़ती...

तिलक संजोवत बहना छोड़ी,

उनको भी मोह ना आयो कावड़ती,

बम बम भोले चले री कावड़ती...

पैर छूबावती गोरी धन छोड़ी,

उनको भी मोह ना आयो कावड़ती,

बम बम भोले चले री कावड़ती...

विदा करावत छोटू भैया छोड़ी,

उनको भी मोह ना आयो कावड़ती,

बम बम भोले चले री कावड़ती...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।