शामा जू सुनतीं है दुखियों की कहानीं को

: बाबा धसका पागल जी
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तरज़-:इक प्यार का नगमा है

शामा जू सुनतीं है, दुखियों की कहानीं को,

जल्दी चल बरसानें, इन्तज़ार वो करती है,

शामा जू सुनतीं है...

विश्वास तूं कर लेना, शामा की किरपा पे,

दुखड़े वो हर लेगी, सारे तेरे पलभर में,

खुशियों का समन्दंर है, करूणां का खज़ांना है,

जल्दी चल बरसानें, इन्तज़ार वो करती है,

शामा जू सुनतीं है...

रसिको कहना है, सन्तों की वाणीं है,

पागल नें किशोरी की, महिमा बख़ानीं है,

आ चल चलें बरसानें, प्यारी का प्यार पानें,

जल्दी चल बरसानें, इन्तज़ार वो करती है,

शामा जू सुनतीं है...

धसका पागल भी वहां, जाता है सर झुकानें,

तक़दीर बदलती है, उस दर पे जानें से,

बृज़रज के कणं कणं में, करूंणा बरसती है,

जल्दी चल बरसानें, इन्तज़ार वो करती है,

शामा जू सुनतीं है...

लेखक-: बाबा धसका पागल जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।